बड़ी खबर! देशभर के स्कूलों में Winter Holidays बढ़ीं, 2026 का नया आदेश
स्कूलों की छुट्टियां क्यों बढ़ाई गईं?
इस साल सर्दी का असर बहुत ज्यादा है। कई राज्यों में तापमान 5 डिग्री से भी नीचे चला गया है। सुबह और शाम घना कोहरा छाया रहता है।
छोटे बच्चों को इतनी ठंड में स्कूल जाना मुश्किल हो रहा था। सर्दी-जुखाम और बुखार के केस बढ़ रहे थे। बच्चों की सेहत खराब हो रही थी।
मौसम विभाग ने शीतलहर का अलर्ट जारी किया था। अगले कुछ दिन और भी ज्यादा ठंड रहने की संभावना है। कोहरे से विजिबिलिटी भी कम है।
इन सब बातों को देखते हुए राज्य सरकारों ने छुट्टियां बढ़ाने का फैसला लिया। बच्चों की सुरक्षा और सेहत पहली प्राथमिकता है। 16 जनवरी तक स्कूल बंद रहेंगे।
यह निर्णय सभी के हित में लिया गया है। ताकि छोटे बच्चे सुरक्षित घर पर रहें और बीमार न पड़ें।
कौन से राज्यों में छुट्टियां बढ़ीं?
उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में छुट्टियां बढ़ाई गई हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान में स्कूल बंद हैं। दिल्ली में भी छुट्टियां बढ़ा दी गईं।
हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में भी यही स्थिति है। यहां सर्दी का प्रकोप सबसे ज्यादा है। तापमान काफी नीचे चल रहा है।

मध्य प्रदेश और झारखंड के कुछ जिलों में भी छुट्टियां बढ़ाई गई हैं। जहां शीतलहर का अलर्ट जारी हुआ है वहां स्कूल बंद किए गए।
हर राज्य की सरकार अपने यहां के मौसम के हिसाब से फैसला ले रही है। जहां ज्यादा ठंड है वहां लंबी छुट्टी दी जा रही है।
दक्षिण भारत के राज्यों में इतनी ठंड नहीं है इसलिए वहां स्कूल नॉर्मल चल रहे हैं। यह पूरी तरह लोकल वेदर पर निर्भर करता है।
सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूल बंद हैं क्या?
हां, सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के स्कूलों में छुट्टियां बढ़ाई गई हैं। सरकार का आदेश सबके लिए है। कोई भी स्कूल खुद से खुल नहीं सकता।
कुछ राज्यों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के लिए छुट्टी है। बड़े बच्चों की क्लासेस चल रही हैं। यह अलग-अलग जगह अलग है।
ज्यादातर जगहों पर सभी कक्षाओं के लिए छुट्टी दे दी गई है। छोटे और बड़े सभी बच्चे घर पर हैं। स्कूल की बिल्डिंग बंद है।
कुछ स्कूल ऑनलाइन क्लास का विकल्प दे रहे हैं। ताकि पढ़ाई का नुकसान न हो। बच्चे घर बैठे पढ़ सकें।
लेकिन छोटी कक्षाओं के लिए ऑनलाइन क्लास भी नहीं हो रही। उन्हें पूरी छुट्टी दे दी गई है। 16 जनवरी के बाद फिर से स्कूल शुरू होंगे।
मौसम विभाग ने क्या चेतावनी दी है?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। अगले एक हफ्ते तक ठंड बनी रहेगी।
सुबह और रात के समय घना कोहरा छाने की संभावना है। विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो सकती है। गाड़ी चलाना और बाहर निकलना खतरनाक होगा।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। पहाड़ी इलाकों में तो और भी ज्यादा ठंड पड़ेगी।
ठंडी हवाओं के कारण ठंड और बढ़ेगी। कोल्ड वेव कंडीशन बनी रहेगी। बुजुर्गों और बच्चों को खास सावधानी बरतनी होगी।
16 जनवरी के बाद मौसम में थोड़ा सुधार हो सकता है। लेकिन फिलहाल तो राहत के आसार कम हैं। इसलिए घर में रहना ही सही है।
बच्चों की सेहत पर क्या असर हो रहा है?
डॉक्टर्स बता रहे हैं कि छोटे बच्चों में सर्दी-जुखाम के केस बहुत बढ़ गए हैं। OPD में ज्यादातर बच्चे ही आ रहे हैं।
सांस की बीमारियां भी बढ़ रही हैं। अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीज ज्यादा हो गए हैं। ठंडी हवा से सांस लेने में दिक्कत होती है।
बुखार, गले में खराश, नाक बहना – ये सब आम हो गया है। स्कूल में एक बच्चे को हो तो दूसरों को भी फैल जाता है।
छोटे बच्चों की इम्युनिटी कमजोर होती है। वे जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। इतनी ठंड में उनका बाहर जाना सही नहीं है।
इसीलिए हेल्थ एक्सपर्ट्स भी छुट्टियां बढ़ाने के फैसले को सही बता रहे हैं। बच्चों को गर्म और सुरक्षित जगह पर रहना चाहिए।
परीक्षाओं का क्या होगा?
जिन स्कूलों में जनवरी में एग्जाम होने थे उनकी डेट्स आगे बढ़ा दी गई हैं। नई तारीखें फरवरी में घोषित की जाएंगी।
बोर्ड एग्जाम का शेड्यूल भी बदला गया है। अब परीक्षाएं फरवरी के आखिर या मार्च से शुरू हो सकती हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन जल्द आएगा।
कुछ स्कूल ऑनलाइन टेस्ट लेने की प्लानिंग कर रहे हैं। ताकि असेसमेंट होता रहे। लेकिन यह ऑप्शनल है।
पैरेंट्स को चिंता नहीं करनी चाहिए। स्कूल खुलने के बाद सब कुछ नॉर्मल हो जाएगा। एग्जाम के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।
अभी बच्चों को घर पर रिवीजन करने को कहा जा रहा है। होमवर्क और प्रैक्टिस से वे तैयार रह सकते हैं।
16 जनवरी के बाद क्या होगा?
16 जनवरी के बाद मौसम की स्थिति देखी जाएगी। अगर ठंड कम हुई तो स्कूल खोल दिए जाएंगे। नहीं तो छुट्टियां और बढ़ सकती हैं।
सरकार मौसम विभाग के साथ लगातार संपर्क में है। अपडेट के हिसाब से फैसला लिया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा पहले है।
स्कूल खुलने से पहले सभी पैरेंट्स को SMS या व्हाट्सएप पर इनफॉर्मेशन भेजी जाएगी। स्कूल की वेबसाइट पर भी नोटिस आएगा।
पहले कुछ दिन स्कूल का टाइमिंग भी बदला जा सकता है। सुबह थोड़ा लेट शुरू किया जाए ताकि ज्यादा ठंड खत्म हो जाए।
जब तक स्कूल बंद हैं तब तक बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। बाहर कम निकलने दें। पौष्टिक खाना दें ताकि इम्युनिटी मजबूत रहे।
पैरेंट्स को क्या करना चाहिए?
बच्चों को घर पर व्यस्त रखें। पढ़ाई के साथ-साथ इनडोर गेम्स खिलाएं। टीवी और मोबाइल का समय लिमिट करें।
रोज गर्म पानी पिलाएं। हेल्दी खाना दें जिसमें विटामिन और मिनरल्स हों। फल और सब्जियां जरूर खिलाएं। इम्युनिटी बढ़ाने वाली चीजें दें।
गर्म कपड़े पहनाएं। स्वेटर, जैकेट, मफलर और टोपी का इस्तेमाल करें। पैरों में मोजे और गर्म जूते पहनाएं।
घर के अंदर भी हीटर या रूम वॉर्मर का इस्तेमाल करें। लेकिन हवा का आना-जाना भी रहना चाहिए। पूरी तरह बंद न करें।
अगर बच्चे को सर्दी-जुखाम हो जाए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। घरेलू उपाय करें लेकिन लापरवाही न करें। छोटी बीमारी बड़ी न बन जाए।